उनकी याद में मै,
खुद को भूल जाने लगा !
सब ज़गह उनका ही ,
अक्स नज़र आने लगा !!
उनके प्यार की,
हसीन वादियों में !
घूमता रहता हूँ अक्सर ,
अब तो रेगिस्तान भी ,
हरा भरा नज़र आने लगा !!!
कैसे काट रहा हूँ ,
किस मोड़ पर है ज़िन्दगी !
अब तो धडकनों का भी ,
रुख बदला नज़र आने लगा !!
उनके प्यार में ,
कमज़ोर हुआ कुछ इस कदर !
अब तो खुद को ,
पागल कहलाने लगा !!!
ram s pathak
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